ARCHIVES
VOL. 12, ISSUE 4 (2026)
उत्तरकाशी जनपद के नृत्यगीतों में अनुष्ठान, उत्सव और पहचान: पांडव नृत्य, रासौ और तांदी के प्रकाशित विवरणों का स्रोत-आलोचनात्मक अध्ययन
Authors
आलोक नौटियाल , डॉ विपिन चंद्र
Abstract
उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जनपद की नृत्य-परंपराएँ—विशेषतः पांडव नृत्य, रासौ और तांदी—प्रायः लोकप्रिय लेखन में एक समरूप “लोक-संस्कृति” के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत की जाती हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र इस समरूपता की धारणा की जाँच करता है। इसके लिए 1997 से 2026 के बीच प्रकाशित मानवशास्त्रीय अध्ययनों, शोध-पत्रों, क्षेत्रीय हिंदी ग्रंथों और विशिष्ट आयोजनों की रिपोर्टों से उत्तरकाशी के नृत्यों से संबंधित 13 स्रोत-अभिलेख तैयार किए गए। प्रत्येक अभिलेख को स्थान, समय, प्रस्तोता, प्रमाण के प्रकार और गीत-पाठ की उपलब्धता के आधार पर वर्गीकृत किया गया और उनका तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। अध्ययन से तीन निष्कर्ष निकलते हैं। पहला, जनपद में पांडव-परंपरा कम-से-कम तीन भिन्न रूपों में दर्ज है: बगोरी के जाड समुदाय का शब्दहीन अवतरण-अनुष्ठान, रैथल-दयारा में देव-डोली से जुड़ा पश्वा-नृत्य, और बंगाण में बार्डों द्वारा गाया जाने वाला महाकाव्य। इन्हें एक ही परंपरा मानने का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। दूसरा, “रासौ” नाम का नृत्य स्रोतों में तीन भिन्न संदर्भों में आता है: शृंगारिक मेला-नृत्य, सेल्कू उत्सव में सोमेश्वर-पूजा और व्यापारियों की वापसी का रात्रि-नृत्य, और अंढूड़ी उत्सव में राधा-कृष्ण युगल के साथ पशुपालक उत्सव का नृत्य। तीसरा, तांदी विषय-श्रेणी नहीं, बल्कि एक प्रस्तुति-रूप है, जो उल्लास, प्रेम, देव-स्तुति और आपदा-स्मृति—सबका वाहक बनता है। अध्ययन यह भी दिखाता है कि उपलब्ध प्रकाशित सामग्री में नृत्यगीतों के पाठ अत्यंत कम हैं, और अधिकांश विवरण प्रस्तुति के अवसर तक सीमित हैं। शोध-पत्र का तर्क है कि उत्तरकाशी के नृत्यगीतों के अध्ययन में घाटी, समुदाय, समय और स्रोत-प्रकार को विश्लेषण की स्वतंत्र इकाइयों के रूप में रखना आवश्यक है।
Download
Pages:1-10
How to cite this article:
आलोक नौटियाल , डॉ विपिन चंद्र "उत्तरकाशी जनपद के नृत्यगीतों में अनुष्ठान, उत्सव और पहचान: पांडव नृत्य, रासौ और तांदी के प्रकाशित विवरणों का स्रोत-आलोचनात्मक अध्ययन". National Journal of Advanced Research, Vol 12, Issue 4, 2026, Pages 1-10
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.
